अखिल भारतीय ब्राह्मण कल्याण संस्थान द्वारा भगवान परशुराम की जयंती कार्यक्रम संपन्न

रिपोर्ट विकास तिवारी

अखिल भारतीय ब्राह्मण कल्याण संस्थान द्वारा भगवान परशुराम की जयंती कार्यक्रम संपन्न

 

 

मीरजापुर। भगवान विष्णु के छठे अवतार अन्याय के संहारक भगवान परशुराम ब्राह्मणों के आराध्य देव हैं। संपूर्ण ब्राह्मण समाज भगवान परशुराम जी की पद चिन्हों पर चलकर लोक कल्याण एवं उत्थान के प्रति संकल्पित रहता है। भगवान परशुराम का संपूर्ण जीवन अन्याय के खिलाफ न्याय की पुनः स्थापना के लिए समर्पित रहा । अखिल भारतीय ब्राह्मण कल्याण संस्थान भगवान परशुराम की जयंती को सांस्कृतिक पर्व के रूप में प्रत्येक वर्ष मनाने का कार्य करता है एवं ब्राह्मण समाज को भगवान परशुराम के सिद्धांतों एवं आदर्श पर चलने के लिए प्रेरित करता है। आज हम सभी को हम सब के आराध्य देव भगवान परशुराम जी के प्रतीक चिन्ह पर चलकर एक सशक्त एवं मजबूत अन्याय मुक्त भारत बनाने के लिए एकजुट होना होगा । उक्त विचार अखिल भारतीय ब्राह्मण कल्याण संस्थान के तत्वाधान में अक्षय तृतीया के पूर्व संध्या पर आयोजित भगवान परशुराम जी की जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व स्पेशल जुडिशल मजिस्ट्रेट श्री गोपाल दत्त दुबे जी ने बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किया । कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश चंद्र पांडे एवं राष्ट्रीय महामंत्री पंडित सुनील कुमार पांडे तथा अन्य पदाधिकारी द्वारा भगवान परशुराम जी की चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन कार्य करके किया गया । भगवान परशुराम जी के पूजन कार्य का कार्य मंत्र उच्चारण के साथ संस्थान के पुरोहित प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पंडित जय प्रकाश पांडे एवं ब्राह्मण विद्वानों द्वारा मंत्र उच्चारण के साथ विधि विधान से पूजन करके किया गया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय ब्राह्मण कल्याण संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रोफेसर रमेश चंद्र पांडे ने कहा कि भगवान परशुराम जी का जन्म त्रेता युग के आरंभ में अक्षय तृतीया के दिन हुआ था। इनके पिता जगदग्नि एवं माता रेणुका थी भगवान परशुराम अपने पिता की पांचवी संतान थे । भगवान परशुराम के गुरु भगवान शिव शंकर थे तथा भगवान शिव के आशीर्वाद से ही भगवान परशुराम का नाम विश्व विख्यात हुआ । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय ब्राह्मण कल्याण संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री पंडित सुनील कुमार पांडे एडवोकेट ने कहा कि भगवान परशुराम का संपूर्ण जीवन अध्यात्म और सनातन धर्म की रक्षा के लिए समर्पित रहा। इन्होंने धरती को 21 बार पापियो से मुक्त किया तथा धर्म की स्थापना किया ब्राह्मण समाज के आराध्य देवता भगवान परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार के रूप में पूजे जाते हैं । ब्राह्मण समाज को भगवान परशुराम के पद चिन्हो पर चलते हुए समाज को संगठित करने का संकल्प लेना चाहिए । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यक्रम की आयोजक अखिल भारतीय ब्राह्मण कल्याण संस्थान पुरोहित प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पंडित जयप्रकाश पांडे ने कहा कि ब्राह्मण समाज के अंदर जो कुरीतियां व्याप्त होती जा रही है । संस्थान ब्राह्मण समाज के बीच उन कुरीतियों को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का कार्य करेगी क्योंकि ब्राह्मण समाज ही समाज को दिशा देता है और ब्राह्मण समाज के ऊपर समाज को सही दिशा में ले जाने की जिम्मेदारी है । इसलिए आज भगवान परशुराम की जयंती के दिन हम सारे ब्राह्मण बंधु अपने अंदर और अपने समाज के अंदर व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लेते हैं। परशुराम जयंती में प्रमुख रूप से पंडित राजमणि दुबे राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पंडित नीलकंठ पांडे राष्ट्रीय संगठन मंत्री पंडित राकेश मिश्रा कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष,

सच्चिदानंद पांडे हीरालाल पांडे सतीश कुमार पांडे मंगल प्रसाद दिनेश कुमार मिश्रा राहुल तिवारी ओमप्रकाश पांडे रामशंकर दूबे तारा शंकर उपाध्याय संतोष पांडे विनीत दुबे राकेश उपाध्याय नागेश्वर मनोज दुबे कमल शंकर दुबे राजकुमार उपाध्याय राजमणि दुबे प्रदीप कुमार पांडे अजीत कुमार द्विवेदी कार्तिकेय विपिन पांडे सुशील पांडे अमृतलाल दुबे छोटे लाल तिवारी सुरेश पांडे आरती पांडे नरेश चंद्र शर्मा दिनेश नारायण मिश्रा पंकज पांडे आनंद कुमार दुबे अनूप मिश्रा सुरेश दुबे दीपक त्रिपाठी विनय द्विवेदी विकास तिवारी अनिल पांडे नागेंद्र प्रभु नारायण पांडे उमाकांत तिवारी नीलकंठ पांडे नवीन चंद्र उपाध्याय राजेश चौबे रणबीर दुबे प्रमोद कुमार पांडे विशंभर नाथ सूर्य नारायण दुबे अंशुमन द्विवेदी सहित सैकड़ो ब्राह्मण जन मौजूद रहे।

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