जुम्मे के दिन ज्ञानवापी के बाहर लगे ‘ज्ञानवापी में बम बोलेगा’ के नारे, जानें क्या है कारण

VARANASI UP

बाबा की नगरी वाराणसी में आज हिंदू और मुस्लिमों का पर्व मनाया गया। आज माता श्रृंगार के कपाट खुले वहीं आज मुसलमानों ने जुम्मे की नमाज पढ़ी। इसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी की गई।वाराणसी: चैत्र नवरात्रि की चतुर्थी तिथि हिन्दुओं के लिए बेहद खास माना जाता है, दरसअल इस तिथि में ज्ञानवापी के पश्चिमी दीवार स्थित माता श्रृंगार के कपाट भक्तों के लिए साल में एक दिन के लिए खुलता है, और आज के दिन सुहागिन महिलाएं श्रृंगार गौरी को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करती है। वहीं, दूसरी ओर आज शुक्रवार को जुम्मे की नमाज भी है, इसे लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इसे देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाले गेट नम्बर-4 पर हर किसी की तलाशी ली जा रही थी। दोनों पक्षों के इस पर्व को ध्यान में रखते हुए गेट नम्बर -4 के बाहर पैरामिलिट्री फोर्स भी तैनात किया गया।

लोगों ने लगाए नारे

दरअसल, ज्ञानवापी के पश्चिमी दीवार की ओर स्थित इस मंदिर के बचे कुछ अवशेष पर दैनिक पूजा अर्चना करने को लेकर न्यायालय में वाद दाखिल है और सुनवाई भी चल रही है। यही वजह है कि आज के इस दर्शन यात्रा में ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी का मुकदमा लड़ रही 4 वादिनी महिलाओं सहित वाराणसी के आस-पास के लोग और अन्य हिंदूवादी संगठन मां श्रृंगार गौरी के दर्शन पूजन के लिए पहुंचे।

इसी बीच जब श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नम्बर- 4 से श्रृंगार गौरी जाने वाले भक्तों को प्रवेश दिया जा रहा था तो जयकारे और वंदे मातरम के नारों के साथ मां श्रृंगार गौरी का दर्शन करने आये भक्तों ने ज्ञानवापी के प्रवेश द्वार पर ‘ज्ञानवापी में क्या बोलेगा- बम बोलेगा बम बोलेगा’ के नारे लगाने लगे।

डमरु और थाल लेकर पहुंचे भक्त

दर्शन पूजन के बाद इंडिया टीवी से बात करते हुए वादिनी महिला रेखा पाठक ने कहा कि ज्ञानवापी के स्थित माता श्रृंगार गौरी के दैनिक दर्शन पूजन को लेकर हम बीते 3 साल से न्यायालय में मुकदमा लड़ रहे है, अभी साल में एक बार दर्शन पूजन किया जाता है रेखा पाठक ने कहा कि माता श्रृंगार गौरी सुहाग की देवी है और चैत्र नवरात्रि में आज दर्शन नहीं करते तो मान्यता है कि व्रत फलित नहीं होता। वहीं, दूसरी वादी महिला सीता साहू ने कहा कि आज हमने ज्ञानवापी के चौखट पर स्थित माता श्रृंगार गौरी के प्रतिरूप का दर्शन करते हुए नारियल, चुनरी और पूजन सामग्री चढ़ाई है। जल्द ही हमें माँ के गर्भगृह में भी जाने का अवसर मिलेगा।

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