वीरांगना अहिल्याबाई होल्कर नारी शक्ति सम्मान” का आयोजन किया गया।

वीरांगना अहिल्याबाई होल्कर नारी शक्ति सम्मान” का आयोजन किया गया।

 

रोहित सेठ

 

आज राष्ट्रिय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश द्वारा डॉ० घनश्याम सिंह पी० जी० कॉलेज में कर्ततव्यबोध पखवारा के अवसर पर “वीरांगना अहिल्याबाई होल्कर नारी शक्ति सम्मान” का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्रबंधक एवं स्वागताध्यक्ष श्री नागेश्वर सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि महिला शक्ति शैक्षणिक परिवेश को सुदृढ़ कर भारत को श्रेष्ठता कि ओर ले जा रही है। विषय प्रवर्तक डॉ० दीना नाथ सिंह ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि वीरांगना अहिल्या बाई होल्कर नारी सम्मान की प्रतीक हैं और आज महिलायें प्रत्येक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। कार्यक्रम में विभिन्न शैक्षिक संवर्ग की २१८ अध्यापिकाओं / मातृ शक्तियों को सम्मानित किया गया।

 

मुख्य वक्ता प्रो० सीमा सिंह, कुलपति, राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज ने कहा कि नारी शक्ति सर्वोपरि है सियाराम की जय जब हम बोलते हैं तो पहले सिया आती हैं सभी को कहना चाहिए “वी कैन डू” । प्रो० प्रेम नारायण सिंह, निदेशक, IUCTE ने प्रत्येक क्षेत्र में नारियों की बढ़ती सहभागिता तथा उनके योगदान को नमन किया। डॉ० बिहारी लाल शर्मा, कुलपति सम्पूर्णानन्द विश्वविद्यालय वाराणसी ने “या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः” कहते हुए नारी शक्ति को प्रणाम किया एवं बधाई दी। मुख्य अतिथि प्रो० ए० के० त्यागी, कुलपति, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी, ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज इस प्लेटफार्म पर प्राथमिक से विश्वविद्यालय तक की शिक्षा का समागम हुआ है। प्रो० पृथ्वीश नाग ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में अपने पूर्व के संस्मरणों का जिक्र करते हुए बताया कि कुलपति रहते हुए शैक्षिक महा संघ का सहयोग मुझे विपरीत परिस्थितियों में मुकाबला करने में मिलता रहा। प्राथमिक संवर्ग की किरण जी ने नारी शक्ति की उदान्तता पर प्रकाश डालते हुए एक प्रेरक गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ० जगदीश सिंह दीक्षित ने ओज पूर्ण वाणी में किया।

 

कार्यक्रम के अंत में शैक्षिक महासंघ के कार्यकर्ताओ को अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ० मिथिलेश सिंह ने किया।

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