रामकाज किजे बिना मोहि कहां विश्राम!

रामकाज किजे बिना मोहि कहां विश्राम!

 

रोहित सेठ

 

वाराणसी अयोध्या धाम से लाया गया पूजित अक्षत एवं मंदिर का चित्र ग्राम सभा के घर-घर वितरण कार्यक्रम करते हुए विजय प्रकाश पाठक समग्र रूप से प्रयास कर रहे हैं ,तब तक इस कार्य में समर्पित रहेंगे जब तक भगवान राम का प्राण प्रतिष्ठा संपन्न नहीं हो जाता , पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया की यह जन्म मेरा सफल हो गया जो कि इस जीवन चरण में राम मंदिर का चित्र एवं पूजित अक्षत जन -जन तक पहुंचने की जिम्मेदारी हमें प्राप्त हुई पाठक जी समाज कार्य में हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं गरीबों और असहायो , निर्धनों का सहयोग सदैव करते समाज में उपस्थित रहते हैं आप धरती पर उपस्थित हर जनमानस को सन्यासी बनाने का प्रयास कर रहे हैं , स्वबोधःपरमोधर्म: हृदय में रखने वाले व्यक्तित्व को समाज सदैव याद रखेगा!

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