नाव दुर्घटना की रोकथाम हेतु नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति का अनुपालन एवं  केंद्रीय राज्यमंत्री द्वारा निःशुल्क सुरक्षा किट का किया गया वितरण

नाव दुर्घटना की रोकथाम हेतु नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति का अनुपालन एवं  केंद्रीय राज्यमंत्री द्वारा निःशुल्क सुरक्षा किट का किया गया वितरण

रिपोर्ट: विकास तिवारी

 

 

मीरजापुर 29 दिसंबर 2023- जनपद में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के मार्गदर्शन में नाव नाविक कल्याण नीति के अनुपालन हेतु जिला स्तरीय एसवओवपीव का निर्माण करते हुए नाव संचालन से संबंधित घाटों के नगर निकाय स्तरीय नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण समिति व ग्राम पंचायत स्तरीय नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण समिति का गठन किया गया, जिसके अंतर्गत नगर निकाय स्तरीय समिति के सदस्य अधिशासी अधिकारी एवं क्षेत्रीय पार्षद/सभासद होते हैं एवं ग्राम पंचायत स्तरीय समिति के सदस्य होते हैं ग्राम प्रधान एवं क्षेत्रीय लेखपाल स उपरोक्त समिति द्वारा जिला स्तरीय नाविक कल्याण समिति एवं तहसील स्तरीय नाविक कल्याण समिति के मार्गदर्शन में जनपद में नाव संचालन से संबंधित समस्त घाटों का निरीक्षण करते हुए घाट पर संचालित समस्त नाव एवं नाविक का नियमानुसार परीक्षण उपरांत सत्यापन एवं पंजीकरण किया गया।

 

वर्तमान में समस्त सत्यापित नावों से संबंधित नाविकों को नाविक सुरक्षा किट का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। नाविक सुरक्षा किट का वितरण मा0 केन्द्रीय राज्यमंत्री वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय भारत सरकार श्रीमती अनुप्रिया पटेल, के द्वारा तहसील चुनार में कल 30 नविको को दिनांक 25 दिसम्बर 2023 को नाविक सुरक्षा किट का उपजिलाधिकारी चुनार एवं तहसीलदार चुनार की टीम के सहायता से वितरण किया गया एवं मा0 केंद्रीय राज्यमंत्री द्वारा तहसील सदर में दिनांक 29 दिसंबर 2023 को 70 नाविकों एवं 7 गोताखोरों को सुरक्षा कीट का उपजिलाधिकारी सदर एवं तहसीलदार सदर की राजस्व टीम की सहायता से वितरण किया गया। प्रत्येक नाविक सुरक्षा किट में दो लाइफ जैकेट, एक लाइफ बाय रिंग, एक टार्च, एक पतवार, एक बांस (18 फीट लंबा), 10 किलो रस्सी (10-20 एम0एम0) एवं एक प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध है। प्रत्येक गोताखोर किट में दो लाइफ जैकेट, एक लाइफ बाय रिंग, एक टार्च, 10 किलो रस्सी (10-20 एम0एम0) एवं एक प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध है, अवशेष नाविकों को नाविक सुरक्षा किट शीघ्र ही फेज-2 के दौरान वितरण किया जायेगा।

अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0)-प्रभारी अधिकारी (आपदा प्रबंधन) शिव प्रताप शुक्ल द्वारा यह बताया गया कि नाव एवं नाविक का सत्यापन एवं पंजीकरण संबंधित समिति द्वारा नाव-नाविक कल्याण नीति में वर्णित नियमों के अनुसार एवँ जिला स्तरीय नाव दुर्घटना की रोकथाम हेतु बनाई गई मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार किया गया है, संबंधित नाविक कल्याण समिति द्वारा नाव एवं नाविकों का परीक्षण, सत्यापन एवं पंजीकरण उपरांत यह ज्ञात हुआ की जनपद मीरजापुर में कुल 32 घाट हैं जिन पर कुल 327 नावें संचालित होती हैं।

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